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निवेश के कर उपाय

म्यूचूअल फ़ंड और इकाई धारकों से संबंधित कर लाभ के प्रकटन 31/01/08 के कर कानूनों के अंतर्गत हैं. नीचे वर्णित सूचना यूटीआई म्यूचअल फ़ंड पर आधारित है ’s कर कानून और म्यूचुअल फ़ंड स्कीम्स (स्कीम्स) के निवेशकों को सामान्य सूचना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी गई है.किसी भी प्रकार के निवेश की दशा में स्कीम्स में किये गये निवेश के समय की कर की स्थिति के स्थाई बने रहने का आश्वासन नहीं दिया जा सकता है.

इसके अतिरिक्त, कर लाभ से संबंधित नीचे वर्णित कथन विचार की अभिव्यक्तियाँ मात्र हैं और किसी निवेशक को प्रत्यक्ष रुप से म्यूचुअल फ़ंड अथवा अप्रत्यक्ष रुप से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा द्वितीयक बाजार संचालन से इकाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.इसलिए दूरदर्शी निवेशकों को प्रस्ताव दस्तावेज के इस खंड के तत्वों को कानून, कर-निर्धारण, निवेश अथवा अन्य तथ्यों को सलाह के रूप में नहीं लेना चाहिए तथा किसी विशिष्ट स्कीम्स में उनकी भागीदारी होने के संबंध में उन्हें अपने कर परामर्शदाता से सलाह लेना चाहिए. .

म्यूचुअल फंड से संबंधित कर मुद्दे :

यूटीआई म्यूचुअल फंड सेबी के साथ पंजीकृत म्यूचुअल फंड है और आय कर अधिनियम 1961 (अधिनियम) की धारा 10 (23 डी) के अंतर्गत आय कर से बची संपूर्ण आय से होने वाले लाभ के पात्र है. म्यूचुअल फंड अधिनियम 196(iv) की धारा के प्रावधानों के अंतर्गत बिना कोई कर की कटौती के संपूर्ण आय प्राप्त करता है.

सम्पत्ति कर अधिनियम 1957 की धारा 45 के अंतर्गत म्यूचअल फंड की संपूर्ण सम्पत्ति के संदर्भ में आदेय नहीं होता है.इसलिए यूटीआई म्यूचअल फंड सम्पत्ति कर के अधिनियम 1957 के अंतर्गत भुगतान के लिए जिम्मेदार नहीं है.

इकाई धारकों से संबंधित कर मुद्दे

I. इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स - निवेश के कर- उपाय

A.  इकाइयों के संदर्भ में आय पर कर
अधिनियम की धारा 10(35) के अनुसार निवेशकों को म्यूचअल फंड की योजनाओं से प्राप्त होने वाली आय प्राप्तकर्ता इकाई धारकों के लिए कर मुक्त है.

B. लाभांश वितरण कर :
      अधिनियम की धारा 115 (R) (2) के अंतर्गत इक्विटी ओरिएंटेड योजनाएँ आय वितरण कर से मुक्त हैं. अधिनियम की धारा 115 T के अनुसार इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स का अर्थ ऐसे फंड से है जहाँ देशी कंपनियों में ऐसे फंड का कुल 65 % से अधिक निवेश योग्य फंड्स इक्विटी शेयर्स द्वारा निवेश किये जाते हैं.

C. इकाइयों से होने वाली आय पर टीडीएस :
अधिनियम 196A की धारा 194K के प्रावधानों के अनुसार म्यूचअल फंड द्वारा 1 अप्रैल 2003 को अथवा उसके बाद आकलित अथवा भुगतान की गई किसी भी आय पर स्रोत पर किसी भी प्रकार के कर की कटौती की आवश्यकता नहीं होती है.

D. पूँजी लाभ पर कर

(i)  लंबी अवधि के पूँजी लाभ
अधिनियम की धारा 10(38) के अनुसार लंबी अवधि की पूँजी सम्पत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय इक्विटी ओरिएंटेड योजना की इकाई होने के नाते सिक्युरिटीज ट्रांसेक्शन टेक्स ( एसटीटी ) को आदेय होने की हैसियत से कुल आय के भाग का निर्माण नहीं करेगी.इसलिए यह आय कर से मुक्त है. अधिनियम की धारा 10(38) के अनुसार इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स का अर्थ ऐसे फंड से है जहाँ देशी कंपनियों में ऐसे फंड का कुल 65 % से अधिक निवेश योग्य फंड्स इक्विटी शेयर्स द्वारा निवेश किये जाते हैं और आयकर अधिनियम 1961 की धारा 10(23 डी ) के अंतर्गत म्यूचअल फंड योजना के अंतर्गत व्यवस्थित किये जाते हैं.

(ii) लघु अवधि के पूँजी लाभ
हस्तांतरण के पूर्ववर्ती दिनांक से बारह माह से कम अवधि तक रखी गई इकाइयाँ लघु अवधि की परिसम्पत्ति कहलाती हैं. लघु अवधि की पूँजी सम्पत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय इक्विटी ओरिएंटेड योजना की इकाई होने के नाते सिक्युरिटीज ट्रांजेक्शन टेक्स एसटीटी को आदेय होने की हैसियत से अधिनियम की धारा 111 A के अंतर्गत 10% आयकर देने के लिए जिम्मेदार है.प्रयोज्य होने की स्थिति में कर की दर अधिभार द्वारा बढ़ायी जा सकती है.

(iii) सिक्युरिटीज ट्रांसेक्शन टेक्स (एसटीटी)
सिक्युरिटीज ट्रांसेक्शन टेक्स (एसटीटी ) से संबंधित वित्त (संख्या 2) अधिनियम,2004 के अध्याय VII के अनुसार01 जून 2006 से एसटीटी विक्रेता द्वारा 0.25% की दर से इक्विटी ओरिएंटेड योजना की क्रय इकाई पर म्यूचुअल फंड को भुगतान योग्य होगा. एसटीटी म्यूचुअल फंड द्वारा स्रोत पर संकलित किया जाता है.

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 88E के अनुसार पिछले वर्ष में मुल्यांकनकर्ता की कुल आय में यदि कोई आय शामिल है तो वह व्यापार अथवा व्यवसाय के लाभ तथा प्राप्तियाँ के अधीन आदेय होगी. “”,कर योग्य सिक्युरिटीज से होने वाले लेन-देन में मुल्यांकनकर्ता ऐसे लेन-देन से होने वाली आय पर कटौती के पात्र होगा जो धारा 88E के अंतर्गत सिक्युरिटीज लेन-देन कर की राशि के तुल्य मुल्यांकनकर्ता द्वारा पिछले वर्ष के व्यापार के दौरान कर योग्य सिक्युरिटीज के संबंध में परिकलित रूप में उल्लेखित की गई है.

E. पूँजी लाभ पर टीडीएस

(i) स्थानीय निवेशक
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टेक्सेस (सीबीडीटी) के दिनांक 8 अगस्त 1995 के परिपत्र संख्या 715 के अनुसार स्थानीय इकाई धारकों के लिए इकाइयों के प्रतिदान के समय पूँजी लाभ में से कर की कटौती की आवश्यकता नहीं होती है.

(ii) गैर- स्थानीय निवेशकों के लिए

लंबी अवधि के पूँजी लाभ
इक्विटी ओरिएंटेड फंड की इकाईयों के प्रतिदान से प्राप्त होने वाले लंबी अवधि के पूँजी लाभ से भुगतान योग्य गैर स्थानीय निवेशकों के लिए कर की कटौती नहीं होती है.

लघु अवधि के पूँजी लाभ
वित्त अधिनियम 2007 की प्रथम अनुसूची के भाग II { खंड 1 (बी) (i) (सी) } के अनुसार म्युचुअल फंड लघु अवधि के पूँजी लाभ पर 10% की दर तक कर कटौती करने का पात्र है.प्रयोज्य सरचार्ज द्वारा टीडीएस बढ़ता है.

(iii) कंपनी के संदर्भ में

देशी कंपनी के अतिरिक्त:

लंबी अवधि के पूँजी लाभ
इक्विटी ओरिएंटेड फंड की इकाइयों के प्रतिदान से प्राप्त होने वाले लंबी अवधि के पूँजी लाभ से भुगतान योग्य स्थानीय निवेशकों के लिए कर की कटौती नहीं होती है.
 
लघु अवधि के पूँजी लाभ
वित्त अधिनियम 2007 की प्रथम अनुसूची के भाग II { खंड 2 (बी) (vii) } के अनुसार म्युचअल फंड लघु अवधि के पूँजी लाभ पर 10% की दर तक कर कटौती करने का पात्र है.प्रयोज्य सरचार्ज द्वारा टीडीएस बढ़ेगा.

(iv) विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) :
विदेशी संस्थागत निवेशक ( एफआईआईएस ) के संदर्भ में अधिनियम की धारा 196 D (2) के अंतर्गत इकाईयों के प्रतिदान से पूंजी लाभ पर स्रोत पर किसी कर की कटौती नहीं की जा सकेगी.

शिक्षा उपकर और सरचार्ज :
कर/ टीडीएस (एसटीटी को छोड़कर) प्रयोज्य सरचार्ज कारण बढ़ता है.इसके अतिरिक्त, शिक्षा उपकर 2%, और माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा उपकर 1% की दर से कर एवं अधिभार की राशि के अनुसार बढ़ाया जाता है.

सेवानिवृत्ति लाभ योजना, इकाई संबद्ध योजना, इक्विटी संबद्ध बचत स्कीम :
धारा 80 सी के अंतर्गत कर लाभ

उपरोक्त योजनाओं/ स्कीम में व्यक्तिगत और एचयूएफएस द्वारा किया गया अंशदान अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के अंतर्गत रु. 1,00,000/- की अधिकतम सीमा तक भुगतान अथवा जमा की गई राशि कटौती योग्य होती है.

II. इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स के अतिरिक्त - निवेश के कर- उपाय

इकाई धारकों से संबंधित कर मुद्दे

A. इकाई धारकों से संबंधित कर मुद्दे
अधिनियम की धारा 10(35) के अनुसार म्यूचुअल फंड की योजनाओं से निवेशकों को प्राप्त होने वाली आय प्राप्तकर्ता इकाई धारकों के अधीन आय कर से मुक्त होती है.

B. लाभांश वितरण कर :

(i) मुद्रा बाजार और लिक्विड योजनाओं के लिए :
अधिनियम की धारा 115R के अनुसार मुद्रा बाजार और लिक्विड फंड के लिए लाभांश वितरण कर 25% अतिरिक्त सरचार्ज लगता है.

(ii) मुद्रा बाजार और लिक्विड योजनाओं के अतिरिक्त योजनाओं के लिए :
अधिनियम की धारा 115R के अनुसार, आय वितरण कर निजी या HUF पर किए गए वितरण के लिए 12.5% के अलावा अधिभार और किसी अन्य व्यक्ति के लिए 20% के अलावा अधिभार लगाया जाएगा.

C. इकाइयों से होने वाली आय पर टीडीएस
अधिनियम की धारा 194K और 196A के प्रावधानों के अनुसार म्यूचुअल फंड द्वारा 1 अप्रैल 2003 को अथवा उसके बाद आकलित अथवा भुगतान की गई आय पर किसी भी तरह के कर के कटौत्रे की आवश्यकता नहीं होती है.

D. पूँजी लाभ पर कर

(i) लंबी अवधि के पूँजी लाभ

स्थानीय यूनिट धारक
निवासियों द्वारा मोचन पर उत्पन्न होने वाले किसी भी दीर्घावधि पूँजीगत लाभ अधिनियम की धारा 48 और 112 में इंगित विवरण के अधीन होता है. 12 माह से अधिक के लिए धारित यूनिट्स के संदर्भ में दीर्घावधि पूँजीगत लाभ लागत मुद्रास्फ़ीति सूचकांक के विभाजन के बाद 20% की दर से या बिना सूचकांक के 10% की दर से, जो भी कम हो, भुगतान योग्य होता है.यदि लागू हो तो बताई गई कर दर में अधिभार के आधार पर वृद्धि होती है, .

गैर- स्थानीय इकाई धारक
अधिनियम की धारा115 E के तहत इकाइयों के संदर्भ में दीर्घावधि पूँजीगत लाभ के आधार पर भारतीयों को 20% की दर के अलावा अधिभार, यदि लागू हो, का भुगतान करना होता है. अध्याय XIIA विशेष रूप से अनिवासी भारतीयों से संबंधित कर से संबधित है. आयकर अधिनियम की धारा 115 D के तहत, अनिवासी भारतीय सूचकांक का लाभ नहीं ले सकते.

वैकल्पिक रूप से पूँजीगत लाभ धारा 112 के तहत अनिवासी भारतीयों के आधार पर परिकलित किया जा सकता है, यदि वह उनके लिए ज्यादा लाभकारी होता है. अधिनियम की धारा 112 के तहत, दीर्घावधि पूँजीगत लाभों पर 20% की दर से कर के अलावा अधिभार लगाया जाता है. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 48 के तहत सूचकांक का लाभ अनिवासी भारतीयों को भी मिलता है. लघु अवधि वाली पूँजीगत संपत्तियों की प्राप्तियों पर कर नियमित आय के अनुसार लगता है.

विदेशी संस्थागत निवेशक
अधिनियम की धारा 115 AD के अनुसार, इकाइयों के विक्रय पर पूँजीगत लाभों पर 10% की दर से और लघु अवधियों पर 30% की दर से कर लगाया जाता है. किसी भी स्थिति में ऐसी प्राप्तियाँ बिना सूचकांक लाभ के परिकलित की जाएगी क्योंकि धारा 48 के अनुसार प्रथम और द्वितीय प्रावधान विदेशी संस्थागत निवेशकों पर अधिनियम की धारा 115 AD (3) के अनुसार लागू नहीं होते. लागू कर दरों में उपयुक्त अधिभारों के आधार पर वृद्धि होती है.

(ii) लघु अवधि के पूँजी लाभ
स्थानांतरण दिनांक से पहले बारह माह से कम अवधि तक रखी गई यूनिट्स कम समयावधि की परिसम्पत्ति कहलाती है. लघु अवधि पूँजीगत संपत्तियों के स्थानांतरण से उत्पन्न होने वाले पूँजीगत लाभ ऐसे मूल्यांकन करने वालों पर लागू कर की सामान्य दरों पर कर के अधीन होते हैं.

E. TDS
पूँजी लाभ पर टीडीएस

(i) स्थानीय निवेशक
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के 8 अगस्त 1995 को जारी परिपत्र क्र. 715 के अनुसार, निवासी यूनिटहोल्डर्स की स्थिति में यूनिट्स के मोचन के समय उत्पन्न होने वाले पूँजीगत लाभों में किसी भी कर कटौती की आवश्यकता नहीं होती.

(ii) गैर- स्थानीय निवेशकों के लिए

लंबी अवधि के पूँजी लाभ
वित्त अधिनियम 2007 की प्रथम अनुसूची के भाग II के अनुसार {खंड 1 (b) (i) (D)}, दीर्घावधि पूँजीगत प्राप्तियों पर म्यूचुअल फ़ंड में 20% की कर कटौती होती है.

लघु अवधि के पूँजी लाभ
वित्त अधिनियम 2007 {खंड 1 (b) (i) (K)} की प्रथम अनुसूची के भाग II के अनुसार, लघु अवधि पूँजीगत प्राप्तियों पर म्यूचुअल फ़ंड में 30% की कर कटौती होती है.

इसके अलावा शिक्षा उपकर @ 2% और माध्‍यमिक और उच्‍चतर शिक्षा उपकर @1% ऊपर बताए गए कर और अधिभार की राशि पर लगाए जाते हैं.

(iii) देशी कंपनी के अतिरिक्त:

लंबी अवधि के पूँजी लाभ
वित्त अधिनियम 2007 की प्रथम अनुसूची के भाग II के अनुसार {खंड 2 (b) (viii)}, दीर्घावधि पूँजीगत प्राप्तियों पर म्यूचुअल फ़ंड में 20% की कर कटौती होती है.

लघु अवधि के पूँजी लाभ

वित्त अधिनियम 2007 की प्रथम अनुसूची के भाग II के अनुसार {खंड 2 (b) (ix)}, लघु अवधि पूँजीगत प्राप्तियों पर म्यूचुअल फ़ंड में 40% की कर कटौती होती है.

(iv) विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs):

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की स्थिति में, अधिनियम की धारा 196 D (2) के परिप्रेक्ष्य में यूनिट्स के मोचन पर उत्पन्न होने वाली पूँजीगत प्राप्तियों से स्रोत पर कोई कर कटौती नहीं होगी.

शिक्षा उपकर और सरचार्ज :

स्रोत पर कर कटौती में लागू अधिभारों के आधार पर वृद्धि होती है. इसके अतिरिक्त शैक्षिक उपकर कर की राशि और अधिभार पर 2% और माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर 1% की दर से लगाया जाता है.

इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स और इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स के अतिरिक्त फंड्स हेतु कुछ सामान्य प्रावधान

1. दुगना कर-वंचन करार ( डीटीएए )
30 अक्टूबर 1995 के CBDT परिपत्र क्रं 728 के तहत, किसी देश के लिए किश्तों की स्थिति में जिससे DTAA लागू होता है, कर पर उस दर पर कटौती की जाती है जो संबंधित वर्ष के वित्त अधिनियम में या DTAA में प्रदान की जाती है, जो भी मूल्याकंन के लिए लाभकारी हो. यूनिटहोल्डर को DTAA के तहत उपलब्ध निम्न दर का लाभ प्राप्त करने के लिए मू्ल्यांकन अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र के साथ म्यूचुअल फ़ंड प्रदान करने की आवश्यकता होती है, इस प्रमाण पत्र में निम्न दर के लिए उसकी योग्यता को बताया गया हो

2. लघु अवधि की पूँजी हानि
अनुभाग 94(7) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लाभांश की घोषणा या आय वितरण के लिए निश्चित रिकॉर्ड दिनांक के पूर्व 3 महीनों की अवधि में यूनिट्स प्राप्त करता है और उन्हें ऐसी रिकॉर्ड दिनांकों से 9 माह की अवधि में बेचता या स्थानांतरित करता है, तो प्राप्त आय की सीमा में ऐसी विक्रय से उत्पन्न होने वाली हानियाँ या ऐसी यूनिट्स पर प्राप्तियाँ, जो अधिनियम के तहत छूट योग्य होती हैं, उन्हें कर पर भुगतान योग्य उसकी आय को परिकलन करने के उद्देश्य से उपेक्षित किया जाएगा.

इसके अतिरिक्त, धारा 94(8) के अनुसार, जहाँ अतिरिक्त यूनिट्स बिना किसी भुगतान के किसी भी व्यक्ति को जारी की जाती हैं, ऐसे व्यक्ति द्वारा धारित मौजूदा यूनिट्स और इसके बाद मूल यूनिट्स के विक्रय के आधार पर कर पर भुगतान योग्य आय को परिकलन करने के उद्देश्य से उपेक्षित किया जाएगा, यदि मूल यूनिट्स अतिरिक्त यूनिट्स की रसीद के लिए निश्चित रिकॉर्ड दिनांक के पूर्व 3 माह में प्राप्त की जाती हैं और उस रिकॉर्ड दिनांक से 9 माह में बेची जाती है. हालाँकि इस प्रकार की उपेक्षा से होने वाली हानि ऐसे व्यक्ति द्वारा विक्रय दिनांक पर धारित अतिरिक्त यूनिट्स के अभिग्रहण की लागत के रूप में मानी जाती है.

3. ट्रस्ट्स द्वारा निवेश:
म्यूचुअल फ़ंड की यूनिट्स में निवेश को धारा 11(5) अनुभाग के तहत निवेश प्रपत्र के योग्य माना जाता है और अधिनियम की धारा 13 को सार्वजनिक धर्म और परमार्थिक न्यास के लिए आयकर नियम, 1962 के नियम17C(i) साथ पढ़ा जाता है.

4.सम्पत्ति कर
म्यूचुअल फ़ंड की यूनिट्स को सम्पत्ति कर अधिनियम 1957 की धारा 2(ea) के तहत 'परिसंपत्तियों' की परिभाषा के अधीन नहीं माना जाता, और इस प्रकार यूनिट्स में निवेश का मूल्य पूर्ण रूप से संपत्ति कर से मुक्त होता है.

5. उपहार कर

उपहार कर अधिनियम, 1958 के अनुसार 1 अक्टूबर 1998 या उसके बाद दिए गए उपहारों पर से उपहार कर समाप्त कर दिया गया है. इस प्रकार 1 अक्टूबर 1998 या उसके बाद दिए गए उपहार उपहार कर से मुक्त होते हैं. इसके अलावा, कुछ अपवादों के अधीन, किसी व्यक्ति द्वारा 50,000/- रु. से अधिक के उपहार कर योग्य होते हैं क्योंकि उपहार प्राप्तकर्ता की आय अधिनियम की धारा 2(24)(xiv) अधिनियम की धारा 56(2)(vi) के साथ पढ़ी जाती है.
 

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